Delhi NCR

संसद मार्च के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा: जेपी नड्डा के घर नजरबंद किए गए पार्टी प्रतिनिधि

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुए भारी बवाल और पुलिसिया कार्रवाई के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपके ने आरोप लगाया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत के बहाने उनकी पार्टी के दो शीर्ष प्रतिनिधियों को धोखे से नजरबंद (House Arrest) किया गया और दूसरी तरफ बाहर सड़कों पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज कराया गया।

‘बातचीत का झांसा देकर छीने फोन, 3 घंटे संपर्क कटा’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी:

नजरबंदी का आरोप: उन्होंने दावा किया कि जेपी नड्डा ने समाधान और सकारात्मक बातचीत के लिए सीजेपी के दो प्रतिनिधियों—मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को अपने आवास पर आमंत्रित किया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद दोनों को नड्डा के घर में ही नजरबंद कर दिया गया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए। तीन घंटे तक पार्टी का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।

‘धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए बल प्रयोग’: दीपके ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह और सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए मासूम छात्रों का खून बहाया गया। उन्होंने सवाल उठाया, “यदि मार्च रोकना ही था तो वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन सीधे आंसू गैस के गोले दागे गए और छात्रों के सिर फोड़े गए।”

दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप: ‘पुरुष कर्मियों ने की हिंसा’
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं:

महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी: दीपके ने आरोप लगाया कि सोमवार की कार्रवाई के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने युवा छात्राओं को निशाना बनाया, उनके साथ मारपीट की और अभद्रता की।

महिला पुलिसकर्मी नहीं थीं मौजूद: उन्होंने दावा किया कि जिन भी पुलिसकर्मियों ने छात्राओं पर हाथ उठाया, वे सभी पुरुष पुलिसकर्मी थे और वहां कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।

सोनम वांगचुक नहीं तोड़ेंगे अनशन; आंदोलन रहेगा जारी
संसद मार्च के दौरान हुई इस हिंसक झड़प का असर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर भी पड़ा है:

सोनम वांगचुक का बड़ा फैसला:
दीपके ने बताया कि लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक, जो अपना अनशन समाप्त करने वाले थे, इस बर्बरता से बेहद दुखी हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के माध्यम से पत्र भेजकर संदेश दिया है कि वे छात्रों पर हुए इस अत्याचार के विरोध में अपना अनिश्चितकालीन अनशन (Hunger Strike) जारी रखेंगे।

सीजेपी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि सोमवार की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। पार्टी सड़कों पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी और बहुत जल्द अपने अगले बड़े राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की घोषणा करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button